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सर्दी, जुकाम, बुखार और कमजोरी महसूस होती हो तो इन दवाईयों को आजमायें


सर्दी, जुकाम, बुखार और कमजोरी महसूस होती हो तो इन दवाईयों को आजमायें। यह सीतोपलादि चूर्ण का घर पर तैयार किया गया नुस्खा है

• दाल चीनी साढ़े ग्राम, इलायची छोटी पच्चीस ग्राम, पीपल छोटी पचास ग्राम, बंसलोचन सौ ग्राम, मिश्री दो सौ ग्राम। उपर्युक्त सामान को अलग-अलग कूट-पीसकर एक साथ मिलाकर कांच की शीशी में भर कर रख लें। इसे दोनों समय पानी या दूध के साथ सेवन करें।
• जुकाम के लिये चाय: तुलसी की बीस पत्तियां, गोल काली मिर्च पंद्रह तोड़कर, मिश्री डेढ़ तोला। इन्हें ढाई सौ ग्राम पानी में डालकर पकने दें। जब डेढ़ छटाक रह जाये तो इसमें थोड़ा दूध मिलाकर गर्म-गर्म पी लें।
• गुलबनफशा आधा तोला, काली मिर्च के दस दाने तोड़कर धीमी आंच में पकायें, एक छटांक रहने पर छानकर आधा तोला मिश्री मिलाकर गुनगुना रहते पी लें और आधा घंटा के लिये चादर ओढ़ कर लेटें। इसे सुबह शाम दोनों समय एक सप्ताह से पंद्रह दिन तक लें।

• उपर्युक्त सीतोपलादि चूर्ण दो आना भर (डेढ़ ग्राम) गोदन्ती भस्म 2 रत्ती, दोनों समय शहद में मिलाकर लें।
• सीतोपलादि चूर्ण डेढ़ ग्राम, काली मिर्च या गोल सफेद मिर्च के पांच दाने, छोटी पीपल दो रत्ती, शहद या एक पाव गर्म दूध के साथ सुबह-शाम दोनों समय लें। इससे हर समय रहने वाला मन्द ज्वर अवश्य ठीक होगा।
• मलेरिया : लाल चंदन छ: माशा, पदमाक छ: माशा, धनिया छ: माशा, गुरुच (हरी ताजी) एक तोला, नीम की छाल अंदर वाली छ: माशा, (एक खुराक के लिये) सब चीजें कूटकर ढाई सौ ग्राम पानी में एक हांडी में रात्रि को भिगों दें। सुबह पकायें। जब पानी एक छटाक रह जाये तो इसमें दो रत्ती पीपल छोटी, छ: रत्ती वंसलोचन एवं आधा तोला मिश्री मिलाकर सुबह बासी मुंह पियें। इसे दिन में एक बार पीना पर्याप्त है।
• शाम के समय पीपल छोटी दो रत्ती, बंसलोचन, छ: रत्ती, सतगिलोय चार रत्ती की एक खुराक शहद मिलाकर लें।
• भोजन के बाद दोनों समय अमृतारिष्ट दो तोला-ढाई तोला ताजा जल में मिलाकर लें।
• मन्दाग्नि, मंद ज्वर, हृदय स्ायु दौर्बल्य के लिये चूर्ण, पांच तोला सौंफ, ढाई तोला आंवला, छ: माशा नागकेसर, डेढ़ माशा सोंठ, गोल मिर्च डेढ़ माशा, पीपल बड़ी डेढ़ माशा, लेकर चूर्ण बना लें। छ: माशा की मात्रा नित्य प्रात:काल मिश्री मिलाकर लें। (सात से आठ बजे के बीच)।
• संध्या समय पांच-छ: बजे के लगभग काला नमक एवं सेंधा नमक की दो चुटकी मिलाकर पानी के साथ सेवन करें।
• आयुर्वेदिक चाय (सर्दी) : तुलसी की पत्ती पांच तोला, गोला मिर्च एक तोला, सोंठ एक तोला, पीपल बड़ी आधा तोला, इलायची बड़ी छ: माशा, दालचीनी तीन माशा को कूट पीसकर रख लें। आधा लीटर पानी में दो चाय की चम्मच भर यह चूर्ण डालकर उबाल लें, दूध और चीनी डालकर पियें।
• वमन, बदहजमी, पित्त: सूखा पोदीना एक तोला, जीरा भुना एक तोला, गोल मिर्च एक तोला, काला नमक एक तोला, अनारदाना दो तोला, अलग-अलग कूट-पीसकर मिलाकर रखें। एक चुटकी दिन में कई बार पानी से लें।
• दिमागी कमजोरी (नींद कम आना, स्मरणशक्ति का कम होना) : शंखपुष्पी तीन माशा, ब्राह्मी एक माशा, बादाम पांच दाना, गोल मिर्च सात दाना, छोटी इलायची दो (एक खुराक के लिये) पीसकर छान लें, सुबह के समय मिश्री मिलाकर दूध के साथ लें।


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